US में अदाणी के खिलाफ चल रहे मामले की आंच Adani Green पर आई? कंपनी को देनी पड़ी सफाई; फाइलिंग में कही ये बात
US में अदाणी केस की आंच Adani Green Energy तक पहुंची? कंपनी को देनी पड़ी सफाई, फाइलिंग में कही ये अहम बातें
US में अदाणी के खिलाफ चल रहे मामले की आंच Adani Green पर आई? कंपनी को देनी पड़ी सफाई; फाइलिंग में कही ये बात
HighLights
- गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने अमेरिकी SEC से सीधे समन स्वीकार किया
- अमेरिकी संस्था ने भारत सरकार को बायपास कर भेजा समन
- Adani Green Energy ने कहा– कंपनी इस केस का हिस्सा नहीं
- निदेशकों पर रिश्वत या भ्रष्टाचार से जुड़े कोई आरोप नहीं
- मामला पूरी तरह व्यक्तिगत क्षमता (Personal Capacity) से जुड़ा
नई दिल्ली
अमेरिका में गौतम अदाणी के खिलाफ चल रहे US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के सिविल केस का असर अब अदाणी समूह की कंपनियों तक चर्चा के रूप में पहुंचता दिख रहा है। 30 जनवरी को गौतम अदाणी और सागर अदाणी द्वारा अमेरिकी SEC से सीधे समन स्वीकार किए जाने के बाद Adani Green Energy Limited को एक्सचेंज में स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि इस पूरे मामले का उसके कारोबार या कंपनी के खिलाफ किसी भी तरह के आरोपों से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन अमेरिकी जांच एजेंसी से जुड़े मामले के कारण निवेशकों और बाजार में हलचल जरूर देखने को मिली।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
दरअसल, अमेरिकी नियामक संस्था SEC ने न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की एक फेडरल कोर्ट में गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ एक सिविल केस दायर किया है। इस केस में SEC ने भारत सरकार के माध्यम से समन भेजने की प्रक्रिया अपनाने के बजाय सीधे अदालत से अनुमति लेकर अदाणी परिवार को समन भेजने की मांग की थी।
अब 30 जनवरी, 2026 को दोनों ने SEC से सीधे समन स्वीकार करने पर सहमति जता दी है। इसके बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया, जिसके चलते Adani Green Energy को एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए निवेशकों को स्थिति साफ करनी पड़ी।
Adani Green Energy ने क्यों दी सफाई?
शनिवार को जारी एक्सचेंज फाइलिंग में Adani Green Energy Limited ने कहा कि यह स्पष्टीकरण नवंबर 2024 और जनवरी 2026 में पहले किए गए खुलासों के संदर्भ में जारी किया जा रहा है। कंपनी ने जोर देकर कहा कि उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नहीं चल रही है और न ही कंपनी को इस मामले में प्रतिवादी बनाया गया है।
कंपनी के मुताबिक, अमेरिकी SEC द्वारा दायर किया गया यह सिविल केस सिर्फ दो व्यक्तियों — गौतम अदाणी और सागर अदाणी — से उनकी व्यक्तिगत क्षमता (Personal Capacity) में जुड़ा हुआ है।
फाइलिंग में कंपनी ने क्या कहा?
Adani Green Energy ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में कहा,
“हम समझते हैं कि 30 जनवरी, 2026 को प्रतिवादियों के वकील ने एक आवेदन दाखिल किया है, जिसमें EDNY (Eastern District of New York) के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार किए बिना, प्रतिवादियों की ओर से समन की सर्विस स्वीकार करने पर सहमति दी गई है। साथ ही, प्रतिवादियों ने यह अधिकार सुरक्षित रखा है कि वे आगे सभी कानूनी बचाव, जिनमें अधिकार क्षेत्र से जुड़े बचाव भी शामिल हैं, उठा सकते हैं।”
कंपनी ने यह भी बताया कि दोनों प्रतिवादी SEC की शिकायत को खारिज करने या उसके जवाब में दलीलें दाखिल करने की प्रक्रिया में हैं।
कंपनी ने खुद को पूरी तरह अलग बताया
Adani Green Energy ने फाइलिंग में दो टूक कहा कि कंपनी इस कार्यवाही का हिस्सा नहीं है और उसके खिलाफ किसी भी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया गया है। कंपनी के बिजनेस, प्रोजेक्ट्स, फाइनेंशियल्स या कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर इस मामले का कोई असर नहीं पड़ता।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केस अमेरिका में एक सिविल मामला है और इसका सीधा संबंध कंपनी की गतिविधियों से नहीं है।
रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी जवाब
कंपनी ने निवेशकों के बीच फैली आशंकाओं को दूर करते हुए यह साफ किया कि गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ रिश्वत या भ्रष्टाचार से जुड़े कोई आरोप नहीं हैं। Adani Green Energy ने दोहराया कि दोनों निदेशकों पर US Foreign Corrupt Practices Act (FCPA) के उल्लंघन का भी कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
कंपनी का कहना है कि इस संबंध में पहले भी स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी जा चुकी है और मौजूदा फाइलिंग उसी का विस्तार है।
बाजार और निवेशकों की नजर आगे की प्रक्रिया पर
हालांकि कंपनी की ओर से दी गई सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि Adani Green Energy पर कोई सीधा कानूनी खतरा नहीं है, लेकिन चूंकि मामला अमेरिकी नियामक संस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए निवेशकों की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मामला व्यक्तिगत स्तर तक सीमित है और कंपनी को प्रतिवादी नहीं बनाया जाता, तब तक इसके व्यवसायिक संचालन पर किसी बड़े असर की संभावना नहीं है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहा जाए तो अमेरिका में चल रहे US SEC केस की आंच भले ही चर्चा के तौर पर Adani Green Energy तक पहुंची हो, लेकिन कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले का हिस्सा नहीं है। न तो कंपनी पर कोई आरोप है और न ही उसके निदेशकों पर रिश्वत या भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर बाजार और निवेशकों की नजर बनी रहेगी, लेकिन फिलहाल कंपनी ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।

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