ईरान टकराव में फंसी ट्रंप की विदेश नीति: क्या अमेरिका फिर से युद्ध की ओर बढ़ रहा है?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन ट्रंप के कार्यकाल में यह टकराव कई बार खुलकर सामने आया। एक तरफ ट्रंप प्रशासन “सख्त नीति” की बात करता रहा, वहीं दूसरी ओर युद्ध से बचने के दावे भी किए गए। ऐसे में सवाल उठता है — क्या ट्रंप की विदेश नीति वाकई संतुलित थी या ईरान के मोर्चे पर फंस गई? ईरान-अमेरिका टकराव की जड़ क्या है? ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध, परमाणु समझौते से अमेरिका का बाहर निकलना और मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियाँ — इन सबने हालात को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया। ट्रंप सरकार का मानना था कि “अधिक दबाव” डालकर ईरान को झुकाया जा सकता है, लेकिन इसके उलट ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया। ट्रंप की विदेश नीति क्यों फंसी नजर आई? ट्रंप की विदेश नीति का दावा था – “America First”। लेकिन ईरान के मामले में यह नीति कई बार उलझन में दिखी: कभी युद्ध की चेतावनी कभी बातचीत की पेशकश कभी प्रतिबंधों में सख्ती इस दोहरे रुख ने अमेरिका के सहयोगी देशों को भी असमंजस में डाल दिया। यूरोपीय देशों ने कई मौकों पर अमेरिका की नीति से दूरी बनाई। दुनिया पर क्या असर पड़ा? ईरान-अमेरिका तनाव...