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ईरान टकराव में फंसी ट्रंप की विदेश नीति: क्या अमेरिका फिर से युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

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    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन ट्रंप के कार्यकाल में यह टकराव कई बार खुलकर सामने आया। एक तरफ ट्रंप प्रशासन “सख्त नीति” की बात करता रहा, वहीं दूसरी ओर युद्ध से बचने के दावे भी किए गए। ऐसे में सवाल उठता है — क्या ट्रंप की विदेश नीति वाकई संतुलित थी या ईरान के मोर्चे पर फंस गई? ईरान-अमेरिका टकराव की जड़ क्या है? ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध, परमाणु समझौते से अमेरिका का बाहर निकलना और मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियाँ — इन सबने हालात को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया। ट्रंप सरकार का मानना था कि “अधिक दबाव” डालकर ईरान को झुकाया जा सकता है, लेकिन इसके उलट ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया। ट्रंप की विदेश नीति क्यों फंसी नजर आई? ट्रंप की विदेश नीति का दावा था – “America First”। लेकिन ईरान के मामले में यह नीति कई बार उलझन में दिखी: कभी युद्ध की चेतावनी कभी बातचीत की पेशकश कभी प्रतिबंधों में सख्ती इस दोहरे रुख ने अमेरिका के सहयोगी देशों को भी असमंजस में डाल दिया। यूरोपीय देशों ने कई मौकों पर अमेरिका की नीति से दूरी बनाई। दुनिया पर क्या असर पड़ा? ईरान-अमेरिका तनाव...

यूरोप के बाद अब भारत अपने सबसे करीबी देश से करेगा ट्रेड डील, दोस्‍त ने PM मोदी को भेजा न्‍योता, जानें फायदे

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    India-Israel Trade Relation : भारत और इजरायल के बीच काफी मजबूत संबंध रहे हैं। लेकिन ये रिश्ता ज्यादा डिफेंस पर फोकस रहा है। अब दोनों देश फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। इजरायली राजदूत ने इस साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की उम्मीद जताई है। तेल अवीव/नई दिल्ली : यूरोप के बाद भारत का अपने करीबी दोस्त देश इजरायल के साथ एक बड़ा ट्रेड डील होने जा रहा है। भारत में इजरायल के राजदूत रियूवेन अज़ार ने इसकी पुष्टि कर दी है। उन्होंने दोनों देशों के बीच के मजबूत संबंध का जिक्र करते हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर जल्द समझौता होने की उम्मीद जताई है। भारत के एक निजी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान इजरायली राजदूत ने जल्द व्यापार समझौता होने की संभावना जताई है। राजदूत अजार ने पुष्टि की है कि इजरायल और भारत ने FTA पर बातचीत के लिए नियमों पर हस्ताक्षर किए हैं।                        इस साल के अंत तक भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट इजरायली राजदूत ने वियॉन से बात करते हुए कहा कि फरवरी...

Income Tax Rules 2026: सरकार ने बदले Income Tax के नियम, अब इतनी आय पर नहीं देना होगा टैक्स, जानें पूरा अपडेट

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सरकार ने Income Tax Rules 2026 के तहत इनकम टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं, जिनका सीधा फायदा आम टैक्सपेयर्स, खासकर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को मिलने वाला है। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना, टैक्स का बोझ कम करना और लोगों की बचत व निवेश क्षमता को बढ़ाना है। हर साल बजट के साथ टैक्स से जुड़े बदलावों पर लोगों की नजर रहती है, क्योंकि इसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ता है। Income Tax Rules 2026 को इसी सोच के साथ डिजाइन किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स सिस्टम से जुड़ें, लेकिन उन पर अनावश्यक बोझ न पड़े। Income Tax Rules 2026 में क्या-क्या बदला? नए टैक्स नियमों में कई ऐसे बदलाव किए गए हैं, जो पहले के मुकाबले टैक्सपेयर्स के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं। 1. बढ़ी हुई टैक्स स्लैब और बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट Income Tax Rules 2026 के तहत बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट को बढ़ा दिया गया है। अब एक तय आय सीमा तक पूरी तरह टैक्स फ्री रखा गया है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि: कम और मध्यम आय वर्ग के लाखों लोग टैक्स के दायरे से बाहर आ जाएंगे जिनकी आय सीमा के आसपास है, ...

EPFO New Rules Update: पेंशनधारकों के लिए खुशखबरी, EPFO ने बढ़ाई प्राइवेट कर्मचारियों की पेंशन

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    EPFO New Rules Update – देश के करोड़ों निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने पेंशन से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं, जिससे अब प्राइवेट कर्मचारियों को पहले की तुलना में ज्यादा पेंशन मिलने की संभावना बढ़ गई है। लंबे समय से EPFO पेंशन को लेकर असमंजस और शिकायतें बनी हुई थीं, लेकिन नए नियमों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद स्थिति अब धीरे-धीरे स्पष्ट होती नजर आ रही है। EPFO की पेंशन योजना, जिसे Employees’ Pension Scheme (EPS-95) के नाम से जाना जाता है, साल 1995 में शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक स्थायी और सुरक्षित आय प्रदान करना है, ताकि वे बुढ़ापे में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रह सकें। अब नए अपडेट के बाद यह योजना पहले से ज्यादा फायदेमंद बनती जा रही है। EPFO पेंशन योजना क्या है? EPFO केवल भविष्य निधि (PF) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों को पेंशन, बीमा और सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करता है। जब क...

1 फरवरी से राशन काई और गैस सिलेंडर पर लागू होंगे 5 नए नियम Free Ration Gas Cylinder New Rules 2026

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    भारत  सरकार और राज्य सरकारों द्वारा समय-समय पर आम जनता की सुविधा और योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए नियमों में बदलाव किए जाते हैं। 1 फरवरी 2026 से राशन काई और एलपीजी गैस सिलेंडर  को लेकर कछ महत्वपूर्ण नियम पभावी होेने जा रहे हैं। इन नए नियमों का सीधा असर देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों और उज्ज्वल योजना के लाभािथेयों पर पड़ेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य फर्जी राशन काडों को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि  सब्सिडी का लाभ केवल पात्र परिवारों को ही मिलें। अगर आप भी सरकारी राशन और सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर का लाभ लेते हैं, तो आपको इन 5 नए नियमों के बारे मे विस्तार से जान लेना चाहिए। नियमों की अनदेखी करने पर आपकी सरकारी सुविधाएं बंद भी हो सकती हैं! 1 फरवरी से राशन कार्ड और गैस सिलेंडर  पर लागू होंगे 5 नए नियम  केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और रसोई गैस वितरण प्रकिया में बड़े सुधार किए जा रहे हैं। 1 फरवरी 2026 से लागू होेने वाले इन नियमों में ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार लिंकिंग को अनिवार्य बना दिया ग...

US में अदाणी के खिलाफ चल रहे मामले की आंच Adani Green पर आई? कंपनी को देनी पड़ी सफाई; फाइलिंग में कही ये बात

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 US में अदाणी केस की आंच Adani Green Energy तक पहुंची? कंपनी को देनी पड़ी सफाई, फाइलिंग में कही ये अहम बातें   US में अदाणी के खिलाफ चल रहे मामले की आंच Adani Green पर आई? कंपनी को देनी पड़ी सफाई; फाइलिंग में कही ये बात HighLights गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने अमेरिकी SEC से सीधे समन स्वीकार किया अमेरिकी संस्था ने भारत सरकार को बायपास कर भेजा समन Adani Green Energy ने कहा– कंपनी इस केस का हिस्सा नहीं निदेशकों पर रिश्वत या भ्रष्टाचार से जुड़े कोई आरोप नहीं मामला पूरी तरह व्यक्तिगत क्षमता (Personal Capacity) से जुड़ा नई दिल्ली अमेरिका में गौतम अदाणी के खिलाफ चल रहे US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के सिविल केस का असर अब अदाणी समूह की कंपनियों तक चर्चा के रूप में पहुंचता दिख रहा है। 30 जनवरी को गौतम अदाणी और सागर अदाणी द्वारा अमेरिकी SEC से सीधे समन स्वीकार किए जाने के बाद Adani Green Energy Limited को एक्सचेंज में स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि इस पूरे मामले का उसके कारोबार या कंपनी के खिलाफ किसी भी तरह के आरोपों से कोई लेना-देना नहीं है, लेकि...

Trump का दावा: Iran War नहीं, Deal चाहता है — Military Action से पहले Diplomacy पर ज़ोर

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    दोस्तों, Middle East की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा किया है कि Iran military action का सामना करने के बजाय एक deal करना चाहता है। Trump के इस बयान के बाद global diplomacy, oil markets और security experts के बीच नई बहस शुरू हो गई है। सवाल साफ है— क्या Iran सच में negotiation के मूड में है, या यह सिर्फ strategic pressure का नतीजा है? Trump ने क्या कहा? Trump ने मीडिया से बातचीत में कहा कि: “Iran जानता है कि military action कितना खतरनाक हो सकता है, इसलिए वह deal चाहता है।” उन्होंने यह भी इशारा किया कि अगर सही शर्तों पर समझौता होता है, तो war जैसी स्थिति से बचा जा सकता है। Trump के मुताबिक, strong posture और pressure ही diplomacy को मजबूती देता है। Iran–US Tensions: Background समझना जरूरी Iran और US के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। Nuclear deal (JCPOA) से US की वापसी Economic sanctions Gulf region में military presence इन सबने हालात को जटिल बना दिया है। Iran लगातार कहता रहा है कि वह sanctions relief...