यूरोप के बाद अब भारत अपने सबसे करीबी देश से करेगा ट्रेड डील, दोस्त ने PM मोदी को भेजा न्योता, जानें फायदे
India-Israel Trade Relation: भारत और इजरायल के बीच काफी मजबूत संबंध रहे हैं। लेकिन ये रिश्ता ज्यादा डिफेंस पर फोकस रहा है। अब दोनों देश फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। इजरायली राजदूत ने इस साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की उम्मीद जताई है।
इस साल के अंत तक भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
इजरायली राजदूत ने वियॉन से बात करते हुए कहा कि फरवरी महीने में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल तेल अवीव की यात्रा करने वाला है। इस दौरान फ्री ट्रेड डील पर बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा की शुरूआती बातचीत आसान मुद्दों पर की जाएगी और उसके बाद ज्यादा जटिल मुद्दों पर एक राय बनाने के लिए बातचीत की जाएगी। इजरायली राजदूत ने उम्मीद जताई है कि व्यापार डील पर इसी साल समझौता होने की पूरी उम्मीद है।
भारत और इजरायल के बीच ट्रेड डील
इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) पर बात करते हुए इजरायली राजदूत ने कहा कि ट्रेड को आसान बनाने और सामान की लागत कम करने के लिए लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में इजराइल जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि
इजरायल में हमारी एक टास्क फोर्स है जो लॉजिस्टिक्स से निपटने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर काम कर रही है, क्योंकि हम ट्रेड को आसान बनाना चाहते हैं। हम सामान लाने-ले जाने की कीमत कम करना चाहते हैं और मुझे लगता है कि इससे सभी के लिए इकोनॉमिक खुशहाली आएगी। बेशक, हमें उम्मीद है कि भारतीय पार्टनरशिप के साथ, दूसरे देशों के साथ मिलकर, यूनाइटेड स्टेट्स की लीडरशिप में, हम कई देशों में कारोबार को आसान बना पाएंगे, यह तो देखना बाकी है। लेकिन इस बीच, हमें प्राइवेट सेक्टर को सामान लाने-ले जाने में मदद करने के लिए जो कुछ भी हम कर सकते हैं, वह करना होगा, और हम यही कर रहे हैं।
भारत और इजरायल के बीच कारोबारी संबंध कैसे हैं?
भारत और इजरायल के बीच मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इजरायल अकेला ऐसा देश था, जिसने भारत के पाकिस्तान पर हमले का सीधा समर्थन दिया था। भारत और इजरायल के बीच सामान्य सामानों की खरीददारी के साथ साथ रक्षा सौदे भी काफी मजबूत हैं।
द्विपक्षीय व्यापार- वित्त वर्ष 2024-25 में डिफेंस सेक्टर को छोड़ दिया जाए तो द्विपक्षीय व्यापार 3.75 अरब डॉलर का था। हालांकि दोनों देशों के बीच कारोबार का उच्चतम स्तर 2023-24 था, जब द्विपक्षीय कारोबार बढ़कर 10.77 अरब डॉलर था।
भारत को फायदा- इजरायल के साथ कारोबार में भारत का फायदा हासिल है। भारत, इजरायल को ज्यादा सामान बेचता है, खरीदता कम है। वहीं, इजरायल से भारत का आयात पिछले वित्त वर्ष में 1.61 अरब डॉलर था।
डिफेंस सेक्टर- रूस के बाद अब इजरायल, भारत का दूसरा सबसे बड़ा डिफेंस पार्टनर बन गया है। इजरायल के सालाना हथियार निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत के आसपास है। भारत और इजरायल के बीच बराक-8 मिसाइल सिस्टम का जॉइंट डेवलपमेंट और भारत में हर्मेस 900 ड्रोन का प्रोडक्शन शामिल है।
कृषि और जल- इजरायल के साथ भारत का कृषि सेक्टर के लिए मजबूत सहयोग है। ये सहयोग तीन साल की कार्य योजनाओं के माध्यम से मैनेज किया जाता है। इजरायल ने ड्रिप सिंचाई और फसल विविधता में टेक्नोलॉजी शेयर करने के लिए 13 भारतीय राज्यों में 31 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए हैं।
इनोवेशन और टेक्नोलॉजी- भारत इजरायल औद्योगिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट को 2023 से 2027 के लिए 40 मिलियन डॉलर दिए गये हैं। इसका मकसद AI और औद्योगिक अनुसंधान का विस्तार करना है।
हाइफा पोर्ट में भारत की भागेदारी- इसके अलावा भारत के अदानी ग्रुप के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम ने 2022 में 1.18 अरब डॉलर में हाइफा पोर्ट का अधिग्रहण किया था। ये प्रस्तावित इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारत और इजरायल के बीच मजबूत दोस्ती रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले महीने इजरायल की यात्रा कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 27-28 फरवरी को पीएम मोदी का इजरायल दौरा हो सकता है। ये दूसरी बार होगा जब प्रधानमंत्री मोदी इजरायल की यात्रा करेंगे। हालांकि पिछले साल के अंत में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भारत यात्रा होने वाली थी, लेकिन उनका दौरा टल गया। ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि दिल्ली में हुए बम ब्लास्ट की वजह से उनका दौरा टल गया।

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